वर्णों का जादू

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Saturday, May 23, 2020

सदस्यों की रचना

अगर आपका लिखना अधिकार है तो पढ़ना आपका ही कर्त्तव्य है .. अतः पेज और ब्लॉग पर आपकी उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए... वरना हम सबका श्रम व्यर्थ है... *@विभा रानी श्रीवास्तव
'लेख्य - मंजूषा'-फेसबुक पेज के लिए लेख्य-मंजूषा संस्था के साहित्यकारों से उनके परिचय संग उनकी लेखन विधा की सूचनाएं माँगी गयी थी।
'10 मई 2020' को बने लेख्य मंजूषा के फेसबुक पेज के लिए आप सभी साहित्यकारों की रचनाएं आमंत्रित हैं... (आप जिस विधा में जो सृजन कर रहे हैं उसे पेज पर स्थान मिलेगा) अभी जिन साहित्यकारों की उपस्थिति सुनिश्चित है और उनमें से कौन , किस दिन अपनी रचना भेजेंगे वह ध्यान से निरीक्षण कर लें ... (यह हमेशा याद रखें यह आप सबका पेज है, आपके सहयोग से ही यह पेज आने वाले समय में विस्तार पा सकेगा)
01. प्रथम व तृतीय सोमवार –:– @⁨अमृता सिन्हा⁩,  @⁨श्रुत कीर्ति अग्रवाल⁩,  @⁨राजेन्द्र पुरोहित⁩
02. प्रथम व तृतीय मंगलवार –:– @⁨सुधा पाण्डेय⁩, @⁨डॉ पूनम देवा⁩, @⁨मधुरेश नारायण⁩,  @⁨मीरा प्रकाश⁩
03. प्रथम व तृतीय बुधवार –:– @⁨मोहम्मद नसीम अख्तर⁩ , @⁨रवि श्रीवास्तव⁩ , @⁨शाइस्ता अंजुम⁩ , @⁨सुनील कुमार⁩ 
04. प्रथम व तृतीय गुरुवार –:– @⁨Urmila SKP Verma⁩ , @⁨राजेन्द्र पुरोहित⁩, @⁨शिवम खेरवार⁩
 05. सभी शुक्रवार –:– अतिथि साहित्यकार
06. सभी शनिवार –:– *धरोहर* (दिगंवत) साहित्यकार
01. द्वितीय व चतुर्थ सोमवार –:– @⁨नूतन सिन्हा⁩ , @⁨अभिलाष दत्त⁩ , @⁨पूनम कतरियार⁩ , @⁨PranayKSinhaसोनु⁩ 
02. द्वितीय व चतुर्थ मंगलवार –:– @⁨सीमा रानी⁩ , @⁨राजकांता⁩ , @⁨मिनाक्षी सिंह⁩  @⁨प्रियंका श्रीवास्तव⁩ 'शुभ्र'
03. द्वितीय व चतुर्थ बुधवार –:– @⁨विशाल नारायण⁩ , @⁨डॉ रब्बान अली⁩ , @⁨हिमांशु⁩ , @⁨Minu बिटिया⁩ ,
04. द्वितीय व चतुर्थ गुरुवार –:– @⁨Mrs Govil⁩ , @⁨रंजना सिंह⁩ , @⁨अभिलाषा सिंह⁩ , @⁨संजय कुमार सिंह⁩
जिनका जो दिन तय है उन्हें उस दिन अपनी एक रचना व्हाट्सएप्प-सन्देश के जरिये उस पेज के एडमिन को भेजना है :-●याद रखें आपकी रचना सॉफ्ट कॉपी में हो (जो कॉपी पेस्ट हो सके। कागज पर लिख कर और उसका फ़ोटो खींच कर बिलकुल भी नहीं भेजना है)
●सभी रचनाकरों के पहले रचना में उनकी तस्वीर भी पोस्ट होगी।
*आइये अब जानते हैं फेसबुक पेज के एडमिन सब से*
●विभा रानी श्रीवास्तव (एडमिन) ●मधुरेश नारायण (एडमिन) ●अभिलाष दत्ता (एडमिन) ●मो. नसीम अख्तर (एडमिन)
*इसके अलावा इस पेज पर क्या पोस्ट होगा*
● संस्था के तमाम गोष्ठी, कार्यक्रम की खबर व तस्वीर● संस्था के बाकी जो साहित्यकार जो लिस्ट में अपना नाम नहीं भेजे थे उनकी रचना(अगर वह देते हैं तब)। अगर वह देते हैं तो याद रहे एक हफ़्ते में एक रचना (ये बात एडमिन और मॉडरेटर ध्यान रखें)●किसी पुराने साहित्यकार का जन्मदिवस और जयंती
●शनिवार के लिए नसीम अख्तर जी से विनती है, भारत के किसी दिगंवत वरिष्ठ साहित्यकार की कोई रचना और शुक्रवार के लिए अतिथि साहित्यकार से स्वीकृति लेने के बाद अपने पेज पर पोस्ट कर लेंगे। (साक्षात्कार, वीडियो, कोई बड़ी उपलब्धि, वर्तमान आलेख)
●संस्था के बाहर के साहित्यकारों के रचनाओं को भी जगह देना है लेकिन एक साहित्यकार को हफ्ते में एक पोस्ट..●वर्तमान में जो साहित्यकार दिवंगत होंगे उनके बारे या उनकी रचना (ये काम एडमिन और मॉडरेटर ग्रुप का)●अपने संस्था के किसी साहित्यकार को कोई सम्मान अथवा बड़ी उपलब्धि को पेज पर पोस्ट किया जाएगा।●लेख्य मंजूषा संस्था के सफर के पुरानी तस्वीरों को भी पोस्ट किया जाएगा।

*अंत में :- जिन साहित्यकारों के लिए जो दिन में तय किया गया है उस दिन वे अपनी रचना खुद से एडमिन तक (उनके व्यक्तिगत व्हाट्सएप पर) भेज देंगे। अगर आप नहीं भेजते हैं तो एडमिन याद दिलाने में असक्षम हो सकते हैं।

कौन एडमिन किस दिन की जिम्मेदारी लेंगे 
अभिलाष दत्ता –:– सोमवार, मंगलवार
मधुरेश नारायण –:– बुधवार, गुरुवार
नसीम अख्तर –:– शुक्रवार , शनिवार
विभा रानी श्रीवास्तव –:– रविवार को ब्लॉग का लिंक प्रस्तुत करेंगी जिसमें सप्ताहांत तक फेसबुक पेज पर प्रस्तुत रहने वाली रचनाएं होंगी...
सादरअभिलाष दत्ता (लेख्य-मंजूषा)

3 comments:

  1. 'भौकाल' बहुत दर्दनाक। इस तरह की घटना कई होंगी लेकिन प्रस्तुति दर्द को पाठक के अंदर उतारती है । यह आज सही लगा। संगीता गोविल

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  2. समसामयिक परिस्थितियों को केंद्र में रखकर लिखी गई भौंकाल मर्म को छू गई। प्रसिध्द प्रगतिशील आलोचक डाॅ नामवर सिंह जी का स्मरण संस्था के साहित्यिक गांभीर्य की उद्घोषणा है।

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  3. अत्यंत संवेदनशील। नामवर सिंह मेरे पसंदीदा आलोचकों में हैं।

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