लेख्य-मंजूषा

'लेख्य-मंजूषा' (साहित्य व समाज के प्रति जागरूक करती पंजीकृत संस्था) में मासिक पद्य-गद्य पाठ और त्रैमासिक पत्रिका 'साहित्यिक स्पंदन' का लोकार्पण होता है...

Sunday, June 21, 2020

पिता-दिवस के अवसर पर लेख्य-मंजूषा का त्रैमासिक कार्यक्रम

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21 जून 2020 साहित्यिक स्पंदन पत्रिका (अप्रैल-जून 2020) का लोकार्पण और गद्य पाठ वर्चुअल गोष्ठी में सम्पन्न प्रस्तुतकर्ता :-  अभिलाष द...
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Sunday, June 7, 2020

फेसबुक-पेज-साप्ताहिक विवरण

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'सहारा'-राजेन्द्र पुरोहित/ प्रस्तुति एडमिन/अभिलाष दत्ता 1 जून को 6:58 AM बजे                बं सी का लटका चेहरा बता रहा था कि...
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Thursday, June 4, 2020

विश्व पर्यावरण दिवस पर वो बातें जो दिनचर्या में शामिल हैं

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विभा रानी श्रीवास्तव: : माना घर के लिए जंगल कटा। मनीप्लांट मुस्करा रहा, नीम रोया छटपटा। घर के सपनों से कालिमा हटा, भाग्य से पन्ना ...
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Sunday, May 24, 2020

उत्साही को मायूसी नहीं मिलनी चाहिए : उद्देश्य बस इतना सा

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[17/05, 7:47 am] विभा रानी श्रीवास्तव 'दंतमुक्ता'–:– सादर प्रणाम .. 5 पँक्तियों की कहानी का परिणाम क्या रहा ? [17/05, 8:23 am] नीर...
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Saturday, May 23, 2020

सदस्यों की रचना

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अगर आपका लिखना अधिकार है तो पढ़ना आपका ही कर्त्तव्य है .. अतः पेज और ब्लॉग पर आपकी उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए... वरना हम सबका श्रम व्यर्थ...
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विभा रानी श्रीवास्तव
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