वर्णों का जादू

वर्णों का जादू

Sunday, May 24, 2020

उत्साही को मायूसी नहीं मिलनी चाहिए : उद्देश्य बस इतना सा

[17/05, 7:47 am] विभा रानी श्रीवास्तव 'दंतमुक्ता'–:– सादर प्रणाम .. 5 पँक्तियों की कहानी का परिणाम क्या रहा ?
[17/05, 8:23 am] नीरजा कृष्णा–:– हमें किसी ने टैग किया था तो हमने भी भाग ले लिया था पर रिज़ल्ट का कोई आइडिया नही है।ये सुना था कि रविवार को आएगा। मैंने और भी कई कार्यक्रमों में भाग लिया था कुछ पता ही नही चला...
[17/05, 8:55 am] विभा रानी श्रीवास्तव 'दंतमुक्ता' –:– जी आपको जिसने टैग किया था उनसे जानकारी लेने की कोशिश कीजिये... वैसे मैं , उन कहानियों को समीक्षा करने के लिए निर्णायक को भेज दी हूँ , जो मुझे टैग कर दिए थे...
[17/05, 9:17 am] नीरजा कृष्णा–:– उनसे पूछा था पर वो भी कोई ठोस उत्तर नहीं दे पाई क्योंकि उनका भी वो ही उत्तर था जो मेरा था..


तीनों निर्णायकों का मुल्यांकन :-

9 comments:

  1. सभी लेखकों को बधाई!!!

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  2. इस तरह के आयोजन से हम जैसे नवोदित रचनाकार निश्चय ही प्रोत्साहित होते हैं।निर्णायक मंडल और आयोजन कर्ताओं को हमारा हार्दिक धन्यवाद।

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  3. सभी प्रतिभागियों को बधाई।एक अनुपम आयोजन।मैं आखिरी क्षणों में इस कार्यक्रम से जुड़ा।इसलिए शीर्षक देने में चूक गया।शीर्षक मैंने रखा था - जड़ों की ओर।

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  4. इस तरह के आयोजन तथा हमारी रचनाओं के मूल्यांकन से न सिर्फ हमारा उत्साहवर्धन होता है बल्कि हमें बहुत कुछ सीखने को भी मिलता है। आदरणीय विभा दी तथा निर्णायक मंडल के प्रति हमारा सादर आभार।

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  5. आश्चर्यचकित हैं हम दी.
    रचना का मूल्यांकन उत्साह से भर गया,बहुत अच्छा लग रहा।
    आपसभी का बहुत बहुत आभार।
    सादर।

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  6. आपकी रचना की समीक्षा की जाय ये बहुत बड़ी बात है मेरे लिये। सादर 🙏

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  7. मैंने भी लिखी थी परंतु मेरी रचना इसमें नहीं है...टैग भी किया था फिर क्या कारण है कि मेरी रचना इसमें शामिल नही है???

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  8. https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2985271854894894&id=100002363268809

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  9. सभी निर्णायक मंडल का आभार। अनुपम आयोजन के लिए धन्यवाद।

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