लेख्य-मंजूषा

'लेख्य-मंजूषा' (साहित्य व समाज के प्रति जागरूक करती पंजीकृत संस्था) में मासिक पद्य-गद्य पाठ और त्रैमासिक पत्रिका 'साहित्यिक स्पंदन' का लोकार्पण होता है...

Sunday, May 24, 2020

उत्साही को मायूसी नहीं मिलनी चाहिए : उद्देश्य बस इतना सा

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[17/05, 7:47 am] विभा रानी श्रीवास्तव 'दंतमुक्ता'–:– सादर प्रणाम .. 5 पँक्तियों की कहानी का परिणाम क्या रहा ? [17/05, 8:23 am] नीर...
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Saturday, May 23, 2020

सदस्यों की रचना

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अगर आपका लिखना अधिकार है तो पढ़ना आपका ही कर्त्तव्य है .. अतः पेज और ब्लॉग पर आपकी उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए... वरना हम सबका श्रम व्यर्थ...
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Wednesday, May 13, 2020

“लॉकडाउन में वर्चुअल (ऑनलाइन) गोष्ठी से अच्छा कोई विकल्प नहीं।”

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अभिलाष दत्त “साहित्यिक लोगों के लिए वर्चुअल (ऑनलाइन) सुविधा वरदान की तरह है।  वे इस समय सीखने और सिखाने का कार्य कर सकते हैं...
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Sunday, May 3, 2020

यादें

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29 फरवरी 2020 "यक्षिणी" –डॉ. विद्या चौधरी , पटना कौन हूँ मैं एक सुंदर काया  सिर्फ नारी सौंदर्य की मूर्ति । प्रस्तर पर उकेर...
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गद्य प्रतियोगिता

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चित्रानुसार गद्य लेखन की प्रतियोगिता के विजेता 01. "वीरांगना" –राजेन्द्र पुरोहित , जोधपुर उज्जैन के पंडित ओंकारनाथ शास्त्र...
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विभा रानी श्रीवास्तव
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